Love Quotes

नदी कितनी भी विशाल, सदाबहार क्…

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नदी कितनी भी विशाल, सदाबहार क्…

नदी कितनी भी विशाल, सदाबहार क्‍यों न हो, उसमें ज्‍यादा तटबंध उसके पानी, गति को सोख लेते हैं. वह कुछ बरसों में थकने, थमने लगती है. प्रेम का भी ऐसा ही रिश्‍ता जीवन से है.


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